जो हो मज़लूम क़ैद हो जाए और ज़ालिम खुला टहलता रहे
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
डर है घर में कैसे बोला जाएगा छोड़ो जो भी होगा देखा जाएगा मैं बस उस का चेहरा पढ़ कर जाऊँगा मेरा पेपर सब सेे अच्छा जाएगा
Vishal Singh Tabish
84 likes
बे-दिली क्या यूँँही दिन गुज़र जाएँगे सिर्फ़ ज़िंदा रहे हम तो मर जाएँगे
Jaun Elia
105 likes
उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
285 likes
More from Meem Maroof Ashraf
ज़ुल्म जो भी किया गया हम पर सामने सब ख़ुदा के रखना है
Meem Maroof Ashraf
0 likes
फट जाएगा ऐसे तो हमारा जिगर 'अशरफ़' यक-दम न करे हम से किनारा उसे कहना
Meem Maroof Ashraf
0 likes
देखो मिरे शरीर में कुछ भी नहीं रहा देखो तुम्हारा इश्क़ मिरा खा गया बदन
Meem Maroof Ashraf
0 likes
अपने ग़म में उदास हम ही थे कौन था अपने पास हम ही थे
Meem Maroof Ashraf
0 likes
यूँँ भी हक़ मुझ पे तेरा बनता है मुझ से जो उम्र में बड़ी है तू
Meem Maroof Ashraf
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Maroof Ashraf.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Maroof Ashraf's sher.







