यूँँ भी हक़ मुझ पे तेरा बनता है मुझ से जो उम्र में बड़ी है तू
Related Sher
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
253 likes
इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
238 likes
अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
197 likes
More from Meem Maroof Ashraf
तुझ को खोने के बा'द यार-ए-हसीं कुछ भी खोने का डर नहीं मुझ में
Meem Maroof Ashraf
0 likes
तेरी उल्फ़त ने ज़िंदा रक्खा है वरना क्या मुझ में ऐसा रक्खा है
Meem Maroof Ashraf
0 likes
ज़ुल्म जो भी किया गया हम पर सामने सब ख़ुदा के रखना है
Meem Maroof Ashraf
0 likes
यही वो दिन था कि तुझ को गले लगाया था यही वो दिन था कि ख़ुदस बिछड़ गए थे हम
Meem Maroof Ashraf
0 likes
जब भी चूमा है तेरे होंटों को जिस्म से इन को जुदा जाना है
Meem Maroof Ashraf
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Maroof Ashraf.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Maroof Ashraf's sher.







