kahkashan ke khwab 'muzaffar' dekh raha tha aur bedari ret ke tile par le aai
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
More from Muzaffar Warsi
हर शख़्स पर किया न करो इतना ए'तिमाद हर साया-दार शय को शजर मत कहा करो
Muzaffar Warsi
6 likes
कुछ न कहने से भी छिन जाता है एजाज़-ए-सुख़न ज़ुल्म सहने से भी ज़ालिम की मदद होती है
Muzaffar Warsi
9 likes
वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा
Muzaffar Warsi
12 likes
ज़िंदगी तुझ से हर इक साँस पे समझौता करूँँ शौक़ जीने का है मुझ को मगर इतना भी नहीं
Muzaffar Warsi
42 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Muzaffar Warsi.
Similar Moods
More moods that pair well with Muzaffar Warsi's sher.







