kabhi jis par 'aqida tha hamara wo but mismar hota ja raha hai
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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कितनी उजलत में मिटा डाला गया आग में सब कुछ जला डाला गया
Manish Shukla
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दुनिया वालों ने तो पूरी कोशिश की ठुकराने की लेकिन अपनी जिद्द में हम ने ख़ुद को मनवा रक्खा है
Manish Shukla
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बात करने का हसीं तौर-तरीक़ा सीखा हम ने उर्दू के बहाने से सलीक़ा सीखा
Manish Shukla
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किसी के इश्क़ में बर्बाद होना हमें आया नहीं फ़रहाद होना
Manish Shukla
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किसी भी शय पे आ जाने में कितनी देर लगती है मगर फिर दिल को समझाने में कितनी देर लगती है ज़रा सा वक़्त लगता है कहीं से उठ के जाने में मगर फिर लौट कर आने में कितनी देर लगती है
Manish Shukla
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