कहाँ पे मुस्कुराना है कहाँ पे अश्क लाने हैं हमारे हाथ से ये भी सहूलत जा रही है क्या ये ख़ुशियाँ कर रही हैं घर मेरे दिल में मिरे अंदर उदासी से मुहब्बत और निसबत जा रही है क्या
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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एक फ़न है बिखर जाना और मैं उस्ताद हूँ इस में
Abdulla Asif
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तुम्हें मंज़र का हो जाए अगर इतना भी अंदाज़ा ज़मीन ए कर्बला पर फिर तो माथा टेक दोगे तुम
Abdulla Asif
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ज़हर ने उस को ज़िंदगी दे दी वरना सुकरात मर गया होता
Abdulla Asif
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तुम्हारे शहर में चलती है नफ़रतों की हवा हमारे गाँव का मौसम अभी सुहाना है
Abdulla Asif
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साथ में जब कभी ख़्वाब में आएँगे सुब्ह होती है क्या भूल ही जाएँगे
Abdulla Asif
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