कमाई इक नहीं ख़र्चा हज़ारों का बहुत मुश्किल यहाँ पे घर चलाना है
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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तेरे बिन दिल उदास रहता है इस लिए तेरे पास रहता है
Govind kumar
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ज़िंदगी अच्छे से जीने का तरीक़ा आ गया जब से चुप रहने का, सुनने का सलीक़ा आ गया
Govind kumar
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गाड़ी अपनी थी पर सामान पराया था या'नी इस चोरी में नुक़सान पराया था
Govind kumar
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यूँँ तो जान चला जाता हूँ तुझ सेे दूर मगर इस दिल से तेरी बातों का जाल नहीं जाता
Govind kumar
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क्यूँ बदन ने तिरा ग़म नकारा नहीं जानकर भी, तू दिल से हमारा नहीं
Govind kumar
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