khuda bachae teri mast mast aankhon se farishta ho to bahak jae aadmi kya hai
sherKuch Alfaaz
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फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़"
Afkar Alvi
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तुम अगर साथ देने का वा'दा करो मैं यूँँही मस्त नग़्में लुटाता रहूँ तुम मुझे देख कर मुस्कुराती रहो मैं तुम्हें देख कर गीत गाता रहूँ
Sahir Ludhianvi
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ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा कोई इलाज नहीं आज की उदासी का
Zafar Iqbal
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हम हैं शौक़ीन पुरानी ही शराबों के दोस्त हम तो हैं ढलते हुए हुस्न पे मरने वाले
Aks samastipuri
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मिरे घर क्यूँँ ले आते हो गली बाज़ार की बातें चिढ़ाती हैं मुझे झूठे बिके अख़बार की बातें मुकरता है हमेशा तू किए वादे निभाने से तेरे वादे तिरी क़स में हुईं सरकार की बातें
Rohit Gustakh
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