किसी की आँख दिल में है किसी की सादगी है मिरे इस दर्द-ए-दिल की बस वजह आवारगी है
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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शायद ही कोई रोए मेरी मौत पर सईद सब को बहुत रुलाया है मेरी हयात ने
Sayeed Khan
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सभी कुछ मैं हासिल किया हूँ दुआ से तुम्हें एक दिन माँग लूँगा ख़ुदा से
Sayeed Khan
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पहले रोने की आदत थी खूब अब तो हम थक के सो जाते हैं
Sayeed Khan
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याद से तेरी यही बस इल्तिजा है ये दिसम्बर भी गुज़र जाए किसी तरह
Sayeed Khan
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वफ़ा की रखे कोई उम्मीद भी क्यूँँ हवा हर नदी का बदन चूमती है
Sayeed Khan
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