वफ़ा की रखे कोई उम्मीद भी क्यूँँ हवा हर नदी का बदन चूमती है
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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याद से तेरी यही बस इल्तिजा है ये दिसम्बर भी गुज़र जाए किसी तरह
Sayeed Khan
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मैं बहुत ख़ुश था फिर ख़बर आई लाश दरिया में से उभर आई
Sayeed Khan
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पहले रोने की आदत थी खूब अब तो हम थक के सो जाते हैं
Sayeed Khan
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मेरे ग़म को समझे दुनिया इस लिए मैं जी रहा हूँ
Sayeed Khan
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इस लिए हम उदास रहते हैं कि ख़ुदा है उदास लोगों का
Sayeed Khan
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