किसी को सोच ने मारा किसी को डर ने मारा है किसी को मिल गई दौलत किसी को ज़र ने मारा है किसी ने नर्क पाया है कोई जन्नत में जा बैठा किसी को मिल गई चौखट किसी को घर ने मारा है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ज़बाँ पर आ गई हर बात जो मन में दबाई थी मेरे इस दिल की ख़ामोशी ने मुझ को तोड़ डाला है
Kushal "PARINDA"
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लोग मिलते हैं मगर दिल नहीं मिल पाते हैं हर मुलाक़ात में कुछ फ़ासला भर होता है
Kushal "PARINDA"
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याद हर रोज़ तुम्हें दिल में करता हूँ मैं देख तस्वीर तेरी दिल में भरता हूँ मैं
Kushal "PARINDA"
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मुझे तुम सेे मोहब्बत है इधर देखो न तुम जाना तुझे पाने कि ख़ातिर हर जगह मिटकर खड़े हैं हम
Kushal "PARINDA"
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वो तुम सेे दूर कैसा है ये तुम भी सोच कर देखो वो जैसे नोचता है बाल तुम भी नोच कर देखो
Kushal "PARINDA"
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