किसी पल ये क़िस्मत बदल सकती है वो सज-धज के घर से निकल सकती है लगाना है दिल तो सँभल कर ज़रा किसी की वो अरमाँ कुचल सकती है
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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उस को भुला कर मुझ को ये मालूम हुआ आदत कैसी भी हो छोड़ी जा सकती है
Nadeem Shaad
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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते बात गर दिल की चंद कर लेते आप भी हो ही जाते दीवाने गर किसी को पसंद कर लेते
Sandeep Thakur
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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जो लगेगा मौक़ा तो पूछेंगे हम इश्क़ ये मरहम है तो किस के लिए
Shubham Rai 'shubh'
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फँसी कश्ती हमारी है दुखों का बोझ भारी है सँभल कर चल रहा हूँ जो दया गिरधर तुम्हारी है
Shubham Rai 'shubh'
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ख़ुद से हो बे-ख़बर दर दर भटकते हैं ऐसे फ़कीर हम जो घर भटकते हैं ख़ुद से मिला करो कोई बहाने से ख़ुद-आगही के कारण डर भटकते हैं
Shubham Rai 'shubh'
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अभी जंग जारी है हारा नहीं हूँ कि हथियार अपना उतारा नहीं हूँ ज़मीं है ये मेरी न ललकारो मुझ को सुनामी हूँ मैं कोई धारा नहीं हूँ
Shubham Rai 'shubh'
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