sherKuch Alfaaz

कोई तरीक़ा ही नहीं इस को बचाने के लिए दिल तो बना ही है मियाँ बस चोट खाने के लिए उम्मीद मत रखना कि अब वादे निभाएगा कोई हर शख़्स वादे करता है अब तोड़ जाने के लिए

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रूह को अंदर से पहले ख़ूब झिंझोड़ा गया फिर मिरा हर ख़्वाब मेरे सामने तोड़ा गया हश्र कुछ ऐसा हुआ है मेरे इस किरदार का क़िस्तों में तोड़ा गया फिर रिश्तों में छोड़ा गया

Bhuwan Singh

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ज़िंदगी ही नहीं चलती किसी आदत के बिना इस लिए हम नहीं रह पाते मोहब्बत के बिना दुनिया से भी परे लगता है हमें उस का नूर या'नी रब मिल गया है हम को इबादत के बिना

Bhuwan Singh

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रातभर रोता रहूँ ऐसा बहाना चाहिए था यार मुझ को बस मोहब्बत में ठिकाना चाहिए था जो उतर जाए मोहब्बत में उसी की मौत होगी यार ये सब मौत से पहले बताना चाहिए था

Bhuwan Singh

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सुधरने के लिए इक और साल लेना है ये इश्क़ दिल से मगर अब निकाल लेना है मेरे हो तुम यही बस सोच कर जिया अब तक अब आगे ऐसा ही इक वहम पाल लेना है

Bhuwan Singh

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मैं आज कर रहा हूँ ये एलान साहिबा दरबार-ए-दिल की आप ही हो शान साहिबा मैं आप के इलावा किसी और का नहीं इतना हुआ न करिए परेशान साहिबा

Bhuwan Singh

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