कोई वक़्त बतला कि तुझ से मिलूँ मेरी दौड़ती भागती ज़िंदगी
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Khalilur Rahman Azmi
सुना रहा हूँ उन्हें झूट-मूट इक क़िस्सा कि एक शख़्स मोहब्बत में कामयाब रहा
Khalilur Rahman Azmi
0 likes
तेरी वफ़ा में मिली आरज़ू-ए-मौत मुझे जो मौत मिल गई होती तो कोई बात भी थी
Khalilur Rahman Azmi
0 likes
निकाले गए इस के मअ'नी हज़ार अजब चीज़ थी इक मेरी ख़ामुशी
Khalilur Rahman Azmi
0 likes
तिरी सदा का है सदियों से इंतिज़ार मुझे मिरे लहू के समुंदर ज़रा पुकार मुझे
Khalilur Rahman Azmi
22 likes
देखने वाला कोई मिले तो दिल के दाग़ दिखाऊँ ये नगरी अँधों की नगरी किस को क्या समझाऊँ
Khalilur Rahman Azmi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Khalilur Rahman Azmi.
Similar Moods
More moods that pair well with Khalilur Rahman Azmi's sher.







