कुछ ख़ास तो बदला नहीं जाने से तुम्हारे बस राब्ता कम हो गया फूलों की दुकाँ से
Related Sher
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Ashu Mishra
कुछ वक़्त ने तोड़ा है भरम और कुछ उस ने मैं तो ये समझता था कोई बात है मुझ में
Ashu Mishra
6 likes
ग़म में हम सूरत-ए-गमख़ार नहीं पढ़ते हैं इस लिए मीर के अश'आर नहीं पढ़ते हैं मेरी आँखें तेरी तस्वीर से जा लगती हैं सुब्ह उठकर सभी अख़बार नहीं पढ़ते हैं
Ashu Mishra
31 likes
और अब दुनिया मेरी तन्हाई में देती है दख़्ल मैं भी पत्थर फेंकता रहता था ठहरी झील पर
Ashu Mishra
0 likes
तुम्हारी शक्ल किसी शक्ल से मिलाते हुए मैं खो गया हूँ नया रास्ता बनाते हुए
Ashu Mishra
30 likes
तुम्हारा दिल यहाँ पर खो गया तो कैसी हैरत है बरेली में तो झुमके तक निकल जाते हैं कानों से
Ashu Mishra
44 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ashu Mishra.
Similar Moods
More moods that pair well with Ashu Mishra's sher.







