क्या ख़ास है उस में बताओ पूछता है मन मेरा दिल ने कहा गर वो नहीं तो ख़ास फिर कुछ भी नहीं
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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यही वो लोग जब माँगो मदद मुँह फेर लेते हैं यही वो हैं जो कहते हैं मदद कोई नहीं करता
Divya 'Kumar Sahab'
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समझाते समझाते बस हम ने ये समझा ख़ुद को ही केवल समझाया जा सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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ये दिल लगा जो देखने, आँखें धड़कने ये लगीं पूरी प्रणाली को यूँँ ही हम ने बिगड़ते देखा है
Divya 'Kumar Sahab'
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