लिखते-लिखते रोक लिया हम ने ख़ुद को जैसे तुम ने बहते आँसू रोके हैं
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है
Munawwar Rana
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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दर्द दिल में दबा लिया होगा ग़म से वा'दा निभा लिया होगा क़ब्र पर आके मेरे क़ातिल ने अपना चेहरा छुपा लिया होगा
Yogendra Singh Raghuwanshi
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तुझ सेे रिश्ता क़ायम रखने को जानाँ जाने कितनी बार गिराया है ख़ुद को
Yogendra Singh Raghuwanshi
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उन की आँखें में बेईमानी है उन के लहज़े में बद-गुमानी है अब मोहब्बत कहाँ है रिश्ते में उन की बातों में मेहरबानी है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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तेरे पैरों पे रंग मेंहदी का मेरे बोसों का नक़्श लगता है
Yogendra Singh Raghuwanshi
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दर्द में जान जा रही होगी आँसुओं में नहा रही होगी हो के मजबूर इस ज़माने से वो मेरे ख़त जला रही होगी
Yogendra Singh Raghuwanshi
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