log kanton se bach ke chalte hain main ne phulon se zakhm khae hain
Related Sher
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
201 likes
मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
228 likes
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
212 likes
More from Unknown
टकरा गया वो मुझ से किताबें लिए हुए फिर मेरा दिल और उस की किताबें बिखर गईं
Unknown
14 likes
कई जवाबों से अच्छी है ख़ामुशी मेरी न जाने कितने सवालों की आबरू रक्खे
Unknown
16 likes
एक बोसे के तलबगार हैं हम और माँगे तो गुनहगार हैं हम
Unknown
29 likes
अच्छी सूरत को सँवरने की ज़रूरत क्या है सादगी में भी क़यामत की अदा होती है
Unknown
25 likes
अरक़ नहीं तिरे रू से गुलाब टपके है अजब ये बात है शो'ले से आब टपके है
Unknown
25 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Unknown.
Similar Moods
More moods that pair well with Unknown's sher.







