लोगों को अब तो चाहिए दौलत हराम की इज़्ज़त को कौन मानता है अपने काम की जिस को भी उस की आँख ने देखा है इक दफ़ा उस को नहीं कोई भी ज़रूरत है जाम की
Related Sher
दौलतें मुद्दा बनीं या ज़ात आड़े आ गई इश्क़ में कोई न कोई बात आड़े आ गई
Baghi Vikas
66 likes
याद भूले हुए लोगों को किया जाता है भूल जाओ कि तुम्हें याद किया जाएगा
Charagh Sharma
65 likes
अब मैं समझा तिरे रुख़्सार पे तिल का मतलब दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रक्खा है
Qamar Moradabadi
66 likes
हम को हमारी नींद भी वापस नहीं मिली लोगों को उन के ख़्वाब जगा कर दिए गए
Imran Aami
63 likes
आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए
Abbas Qamar
103 likes
More from Ali Nazim Adam
यार मुझ को आपसे अब तो मुहब्बत भी नहीं है और मुझ को मेरे घर से ये इजाज़त भी नहीं है आप तो कर भी नहीं सकते दुआ हक़ में हमारे मत करो अब आप को कोई ज़रूरत भी नहीं है
Ali Nazim Adam
1 likes
रहा नहीं वो शख़्स अब यहाँ ज़मीन के लिए बनाया ही गया था उस को आस्तीन के लिए
Ali Nazim Adam
1 likes
वो मेरे पास से वापस अगर आ कर नहीं जाता तो मेरी आँख से उस का कभी पैकर नहीं जाता जो उस के पास से होकर गुज़र जाए कभी तो फिर बसर कोई भी हो अपने सलामत घर नहीं जाता
Ali Nazim Adam
1 likes
तिरी डोली उठेगी तो जनाज़ा तो उठेगा ही चलो मैं भी कफ़न पहनूँ चलो ख़ुद को सजा लो तुम
Ali Nazim Adam
1 likes
मैं तो ये सोच भी नहीं सकता तेरे बिन तो मैं जी नहीं सकता हाथ में है तिरे लबों का जाम अपने होंटो को सी नहीं सकता
Ali Nazim Adam
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Nazim Adam.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Nazim Adam's sher.







