माना हैं तल्ख़ तेवर दुनिया के वास्ते पर आदमी मैं दिल का इतना बुरा नहीं
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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ज़मीं पे आसमाँ पिघला हुआ ही पाओगे समय यूँँ हाथों से निकला हुआ ही पाओगे किसी के वास्ते ख़ुद को सँवार कर देखो तुम अपने आप को बदला हुआ ही पाओगे
Naviii dar b dar
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ज़माने में है ये जो तनक़ीद अपनी भला कोई किस रास्ते को चुने यूँँ
Naviii dar b dar
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ज़माने भर से तो की दिल-लगी हम ने मोहब्बत का सलीक़ा भी नहीं आया
Naviii dar b dar
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यूँँ सपने भी मन में सजाए तो कैसे यहाँ मुफ़लिसी के सताए हैं हम भी
Naviii dar b dar
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यूँँ तो हर उलझनों से उलझा पड़ा हूँ मैं पर फिर भी ज़िन्दगी में डटकर खड़ा हूँ मैं ग़म कोई भी न छू पाए मेरे घर को यूँँ ये ज़िम्मेदारी से जो घर का बड़ा हूँ मैं
Naviii dar b dar
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