madrasa mera meri zat mein hai khud moallim hun khud kitab hun main
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी भर मुझे इस बात की हसरत ही रही दिन गुज़ारूँ तो कोई रात सुहानी आए
Saqi Amrohvi
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मैं तुझ को भूल जाऊँ मगर मसअला ये है कैसे कटेगी उम्र तेरी याद के बग़ैर
Saqi Amrohvi
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माज़ी भी है उदास मेरे हाल की तरह ये साल भी गुज़र गया हर साल की तरह
Saqi Amrohvi
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मैं ने आ'साब को पत्थर का बना रक्खा है एक दिल है कि जो बनता नहीं पत्थर जैसा हम फ़क़ीरों को कभी रास न आया वरना हम ने पाया था मुक़द्दर तो सिकंदर जैसा
Saqi Amrohvi
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मंज़िलें लाख कठिन आएँ गुज़र जाऊँगा हौसला हार के बैठूँगा तो मर जाऊँगा
Saqi Amrohvi
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