मैं ने आ'साब को पत्थर का बना रक्खा है एक दिल है कि जो बनता नहीं पत्थर जैसा हम फ़क़ीरों को कभी रास न आया वरना हम ने पाया था मुक़द्दर तो सिकंदर जैसा
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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माज़ी भी है उदास मेरे हाल की तरह ये साल भी गुज़र गया हर साल की तरह
Saqi Amrohvi
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ज़िंदगी भर मुझे इस बात की हसरत ही रही दिन गुज़ारूँ तो कोई रात सुहानी आए
Saqi Amrohvi
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बिछड़े हुए तो एक ज़माना हुआ मगर वो शख़्स मेरी आँख से ओझल नहीं हुआ
Saqi Amrohvi
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मैं तुझ को भूल जाऊँ मगर मसअला ये है कैसे कटेगी उम्र तेरी याद के बग़ैर
Saqi Amrohvi
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मैं वो चराग़ हूँ जो आँधियों में रौशन था ख़ुद अपने घर की हवा ने बुझा दिया है मुझे
Saqi Amrohvi
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