मैं अपने फूल ले कर किस इलाके में निकल आया यहाँ के लोग तो तरकश को भी गुलदान कहते है जो चक्की चल रही है उस के दोनों पाठ उलटे है जो बे-ईमान है वो हम को बे-ईमान कहते है
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ज़िंदगी का तजुर्बा पूरा नहीं हुआ तू ने जो देखा है पूरा नहीं देखा
Ashish Anand
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आज का दिन भी यूँँ ही बेज़ार किया ना इश्क़ किया, काम किया
Ashish Anand
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चाहूँ तो मालूम हो हर लम्स तेरा हिस्सा मज़ा तो तब है जब तेरी ज़ुबानी हो तेरा क़िस्सा
Ashish Anand
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जाने कितनी कहानियाँ समेटे रहा होगा वो जो शख़्स हाल-ए-दिल बायाँ करता भी नहीं दर्द कितनी होगी, बेचैनी कितनी होगी वो ज़बान जो किसी से कुछ कहता ही नहीं
Ashish Anand
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