मैं ज़माने से अलग था और फिर कुछ यूँँ हुआ बात सुन कर भीड़ की, मैं भीड़ जैसा हो गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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इस रण में जय और पराजय मेरी है तू गाण्डीव उठा, कर हमला आगे बढ़
Divy Kamaldhwaj
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मेरे भीतर नहीं लिखने की तड़पन है तड़पन, इस लिए मैं लिख रहा हूँ
Divy Kamaldhwaj
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मेरे भीतर नहीं लिखने की तड़पन है तड़पन, इस लिए मैं लिख रहा हूँ
Divy Kamaldhwaj
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रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
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उड़ाने पर जो आ जाऊँ उड़ा दूँ होश दुनिया के मगर मैं फूल से तितली उड़ा सकता नहीं यारों
Divy Kamaldhwaj
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