sherKuch Alfaaz

माना सब को सच्चा प्यार नहीं होता पर झूठा भी तो हर बार नहीं होता तुम को गर करना है तो कर सकते हो लेकिन हम सेे लौट के वार नहीं होता

More from Manish watan

तेरे ख़ातिर ज़िंदगानी इक काम ज़रूरी है पत्थर डूब के उछले ऐसा नाम ज़रूरी है मुझ को करनी है मन मानी अपनी ख़ूबी पर दोस्त ख़ुदा तक जाना ये पैग़ाम ज़रूरी है

Manish watan

1 likes

सभी ज़ख़्म मुरझा गए हैं हमारे कभी भी किसी में खिलेंगे नहीं हम बता कर गया है खुले ज़ख़्म रखना कभी ज़ख़्म अपने सिलेंगे नहीं हम

Manish watan

2 likes

वो आईना भी हम सेे अब बोला है जो पहले उल्टा सीधा सब बोला है मैं बरसों से क़ैदी हूँ अपने दिल में तुझ को थोड़ा घाव मिला तब बोला है

Manish watan

1 likes

कुछ पाने के लिए निकला हूँ अब मैं देखूॅंगा खोना क्या होगा मुझ को

Manish watan

2 likes

तिरी इक मुलाक़ात से भर गया दिल तुझे ज़िंदगी भर मिलेंगे नहीं हम मुनासिब नहीं अब हमारा लगे दिल किसी शख़्स पर अब मरेंगे नहीं हम

Manish watan

3 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Manish watan.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Manish watan's sher.