मक़्सद सला-ए-आम है फिर एहतियात क्यूँँ उन सेे हुई है बात तो फिर इनसे बात क्यूँँ
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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शाहज़ादे पता नहीं तुम को तुम पे कितनी कनीज़ मरती हैं
Arohi Tripathi
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इश्क़ का जब बुख़ार उतरेगा तब मिरा यार ऐसे चीख़ेगा
Arohi Tripathi
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हम मोहब्बत नहीं समझते हैं बात ये तुम ग़लत समझते हो
Arohi Tripathi
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धूप से छाँव की तरफ़ चलना शहर से गाँव की तरफ़ चलना
Arohi Tripathi
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यार उस ने अब निशाना तय किया जाँ मगर पहले दिवाना तय किया वो सफ़र से लौट कर जो आ गया यार पहले ही ठिकाना तय किया
Arohi Tripathi
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