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मुहब्बत तो मुहब्बत है हो इक-तरफ़ा या दो तरफ़ा

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या

Jaun Elia

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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

Allama Iqbal

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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ये शे'र जो मैं लिख रहा हूँ कौन पूछेगा इसे ये शे'र जो तुम पढ़ रही हो हर ज़बाँ पर होगा अब

Sarvjeet Singh

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ज़िन्दगी आसान है पर लोग हैं मुश्किल बहुत ही

Sarvjeet Singh

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तुम्हारी याद आने पर तुम्हारा नाम लिखता हूँ तुम्हारा नाम लिखने पर तुम्हारी याद आती है

Sarvjeet Singh

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सच्ची किसी के पास या झूटी किसी के पास में कोई ख़बर उस की न अब मिलती किसी के पास में हैं ताश के पत्तों के जैसे हो गए दो दिल जुदा राजा किसी के पास में रानी किसी के पास में

Sarvjeet Singh

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वो जो मुझ को कुछ पल अपना लगता है क्यूँ वो कुछ पल बा'द पराया लगता है वो जो मेरे साथ बहुत सालों से है वो अब और किसी का साया लगता है वो बस मुझ सेे हँस के बातें करता है और न जाने सब को क्या-क्या लगता है उस के आगे मेरी क़ीमत ख़ास नहीं उस को जो हो महँगा सस्ता लगता है दिल की बातें दिल में रखना ठीक नहीं कह कर देखो काफ़ी अच्छा लगता है

Sarvjeet Singh

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