मुझे ख़ुश करने की कोई नई तरकीब ढूँढो अब यूँँ उस का ज़िक्र हर इक बात पर अच्छा नहीं यारों
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम हिज्र के बिना इन में जान आ नहीं सकती
Harsh saxena
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तुम भला उस प्रेम की गहराई क्या समझोगे जानाँ जो कभी ख़्वाबों में भी अपनी न सरहद लाँघता है
Harsh saxena
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दुनिया के भरम को कुछ यूँँ तोड़ दिया मैं ने इस बार नसीबों का रुख़ मोड़ दिया मैं ने
Harsh saxena
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ये जो कानों में तू इतने प्यारे झुमके पहने है इन की सारी ख़ूबसूरती मिरी- जाँ तुझ सेे है
Harsh saxena
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नख़रे उन ख़्वाबों के बड़े होंगे जिन को वो रोज़ देखती होगी
Harsh saxena
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