मुझे वो देख के रोएगा अकबर अगर मैं मुस्कुराना छोड़ दूँगा
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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नुसरत-ए-हक़ देखना आशूर तक ले जाएगी हसरत-ए-दीदार कोह-ए-तूर तक ले जाएगी
''Akbar Rizvi"
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दौलते दुनिया के पीछे चल रहा है हर बशर हर बशर के पीछे लेकिन है फरिश्ता मौत का
''Akbar Rizvi"
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कोई उठता नहीं मज़लूम का हामी बनकर कब तलक ज़ुल्म पा ख़ामोश रहेगी दुनिया
''Akbar Rizvi"
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वक़्त ए मुश्किल तुम्हें ख़ालिक़ ही सहारा देगा अपने अहबाब से उम्मीद ए वफ़ा मत रखना
''Akbar Rizvi"
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वक़्त किस तरह देखो करवटें बदलता है कल जो मेरे हामी थे आज मेरे दुश्मन हैं
''Akbar Rizvi"
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