sherKuch Alfaaz

मुंतज़िर थी एक अरसे से वो मेरे वास्ते देखते ही मौत ने बाहों में मुझ को भर लिया

Kiran K2 Likes

Related Sher

बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

751 likes

हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

298 likes

कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी

Ali Zaryoun

321 likes

तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी

Tehzeeb Hafi

331 likes

जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है

Rahat Indori

125 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Kiran K.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Kiran K's sher.