न बदली है ज़मीं ये और ये अंबर नहीं बदला तुम्हारी याद बसती है तभी तो घर नहीं बदला कहीं ऐसा न हो तुम याद कर लो इस सबब हम ने बहुत बदले हैं मोबाइल मगर नंबर नहीं बदला
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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वो गिरफ़्तार जो करे तो फिर गेसुओं के क़फ़स में मर जाए ये तमन्ना है एक आशिक़ की इश्क़ की दस्तरस में मर जाए
A R Sahil "Aleeg"
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ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
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रहम करो निजी मुआमला का रंग तो न दो जो शे'र हैं फ़क़त वो शे'र ही हैं और कुछ नहीं
A R Sahil "Aleeg"
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रूप बदले नाम बदले बदले एहसासात भी सब और फिर तुम बने तुम मैं बना मैं ख़त्म हम बाक़ी बचा है इश्क़ियात
A R Sahil "Aleeg"
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ये इश्क़ भी तो है रोलेट ऐक्ट सा जिस में कोई गवाह न कोई सुबूत सिर्फ़ सज़ा
A R Sahil "Aleeg"
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