रहम करो निजी मुआमला का रंग तो न दो जो शे'र हैं फ़क़त वो शे'र ही हैं और कुछ नहीं
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तूफ़ानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करो मल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
Rahat Indori
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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सखियों संग रँगने की धमकी सुन कर क्या डर जाऊँगा तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा
Kumar Vishwas
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अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं
Ritesh Rajwada
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ये इश्क़ भी तो है रोलेट ऐक्ट सा जिस में कोई गवाह न कोई सुबूत सिर्फ़ सज़ा
A R Sahil "Aleeg"
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वो गिरफ़्तार जो करे तो फिर गेसुओं के क़फ़स में मर जाए ये तमन्ना है एक आशिक़ की इश्क़ की दस्तरस में मर जाए
A R Sahil "Aleeg"
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न बदली है ज़मीं ये और ये अंबर नहीं बदला तुम्हारी याद बसती है तभी तो घर नहीं बदला कहीं ऐसा न हो तुम याद कर लो इस सबब हम ने बहुत बदले हैं मोबाइल मगर नंबर नहीं बदला
A R Sahil "Aleeg"
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ये पहेली अज़ल से उलझी है है बुरा हुस्न या है इश्क़ बुरा
A R Sahil "Aleeg"
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रहे क़ाएम-ओ-दाइम अहद-ओ-पैमाँ पर कहाँ मिलते हैं ऐसे नस्ल-ए-आदम अब
A R Sahil "Aleeg"
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