नसीब लिखने वालें ने क्या कमाल लिखा है ज़मीर पे मेरे धब्बा उसे रुमाल लिखा है मुरीद हूँ मैं शिक्षा का मज़ीद ज्ञान नहीं है जवाब मुश्किल हो ऐसा उसे सवाल लिखा है
Related Sher
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
113 likes
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
118 likes
More from Shubham Rai 'shubh'
साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
Shubham Rai 'shubh'
0 likes
मौन लोगों देख कर हैरत नहीं होती या तुम्हारी भावना आहत नहीं होती क़ुछ कड़े क़ानून जो इस देश में होते बेटियों की फिर यहाँ दुर्गत नहीं होती
Shubham Rai 'shubh'
6 likes
सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो हो मुलाक़ात आफ़त न हो तुम तसव्वुर में आती रहो दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो
Shubham Rai 'shubh'
6 likes
ख़ुद से हो बे-ख़बर दर दर भटकते हैं ऐसे फ़कीर हम जो घर भटकते हैं ख़ुद से मिला करो कोई बहाने से ख़ुद-आगही के कारण डर भटकते हैं
Shubham Rai 'shubh'
10 likes
हिज्र के दर्द की अब वो बात करता कहाँ है दर्द बे-रोज़गारी का झेल जो भी रहा है
Shubham Rai 'shubh'
10 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shubham Rai 'shubh'.
Similar Moods
More moods that pair well with Shubham Rai 'shubh''s sher.







