पढ़े-लिखे बालक तेरी क्या ज़िम्मेदारी है सामने भूखा बच्चा है और माँ दुखियारी है
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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ज़िंदगी इस तरह कुछ अपनी बसर होती रही चाह फूलों की थी काँटों पर गुज़र होती रही
Tarun Bharadwaj
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वो तभी पाया गया है पास में जब हमें यूँँ बेख़ुदी होने लगी
Tarun Bharadwaj
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ज़िंदगी मेरी सँवर जाती तो अच्छा होता तेरी बाहों में गुज़र जाती तो अच्छा होता तेरा दीदार हो ये लब पे दुआ थी कब से तू भी कुछ देर ठहर जाती तो अच्छा होता
Tarun Bharadwaj
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सारी नमी को सोख के सहरा को तर कर दूँ बादल बनूँ तो यूँँ बनूँ दरिया को तर कर दूँ
Tarun Bharadwaj
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परिंदे उड़ गए अब सिर्फ़ शाख़ बाक़ी है शरीर जल गए अब सिर्फ़ राख़ बाक़ी है
Tarun Bharadwaj
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