paimana kahe hai koi mai-khana kahe hai duniya teri aankhon ko bhi kya kya na kahe hai
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Unknown
चल दिए घर से तो घर नहीं देखा करते जाने वाले कभी मुड़ कर नहीं देखा करते सीपियाँ कौन किनारे से उठा कर भागा ऐसी बातें समुंदर नहीं देखा करते
Unknown
25 likes
क्या क़यामत है कि आरिज़ उन के नीले पड़ गए हम ने तो बोसा लिया था ख़्वाब में तस्वीर का
Unknown
23 likes
लजा कर शर्म खा कर मुस्कुरा कर दिया बोसा मगर मुँह को बना कर
Unknown
30 likes
इन का उठना नहीं है हश्र से कम घर की दीवार बाप का साया
Unknown
20 likes
उन के होने से बख़्त होते हैं बाप घर के दरख़्त होते हैं
Unknown
33 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Unknown.
Similar Moods
More moods that pair well with Unknown's sher.







