पल में बदलते हैं यहाँ पर फ़ैसले जो आज ठोकर है सहारा था कभी
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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वहाँ कोई इशारा भी नहीं अब जा सकेगा सुन बिना उस के गुज़ारा भी नहीं अब जा सकेगा सुन कि मुझ सेे दूर इतनी जा चुका है अक्स ही मेरा जहाँ उस को पुकारा भी नहीं अब जा सकेगा सुन
Inshpa Ilahabadi
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यहाँ से दफ़ा हो कहो उस फ़ुलाँ से शिकायत जिसे है हमारी यहाँ से समझ ही न पाए हमें वो कभी भी बुरा दिल नहीं बस बुरे हैं ज़बाँ से
Inshpa Ilahabadi
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तुम भी उस की ख़ूब हिफ़ाज़त करते हो ना जान लुटाकर ख़ूब मुहब्बत करते हो ना लड़ जाते हो उस की ख़ातिर दुनिया से भी अपनो से भी यार अदावत करते हो ना
Inshpa Ilahabadi
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सब को उस का नाम बताने लगते हैं अपने सब अरमान सजाने लगते हैं उस के जैसी होती हैं परियाँ शायद दुनिया को तस्वीर दिखाने लगते हैं
Inshpa Ilahabadi
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मेरी ज़बाँ की अब सदा ख़ामोश है तू आ न जा तुझ को पुकारा था कभी
Inshpa Ilahabadi
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