पल पल खनकती बातें करती है लगे जैसे के हो चंचल सी बातूनी सखी पाज़ेब ये जी आप की
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कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी
Jaun Elia
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे
Muzdum Khan
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ज़ुल्फ़ों में सजा मुझे लो अपनी तुम बना के गुल बन सदा-बहार मैं खिला रहूँगा साए में
Abha sethi
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ये इश्क़ ज़िंदा रखने को हैं टूट जाते गुल कई
Abha sethi
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तशक्कुर बे-वफ़ाई का सनम तेरी लगे पढ़ने हमें अब तुम भी शिद्दत से
Abha sethi
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यूँँ तो है दफ़्तर में काम बहुत फिर भी निकाल लेते वक़्त तसव्वुर का तेरे
Abha sethi
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पाया न तुम्हें खो बैठे ख़ुद को ही हम पागल इस दिल ने भी की नादानी है
Abha sethi
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