phir wahi lambi do-pahren-surmai hain phir wahi dil ki haalat hai bahar kitna sannata hai andar kitni wahshat hai
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मेरे साथ चलने की शर्त पर कई लोग चल तो पड़े मगर कोई रास्ते में बदल गया कोई रास्ता ही बदल गया
Aitbar Sajid
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इतना कम-ज़र्फ़ न बन उस के भी सीने में है दिल उस का एहसास भी रख अपनी ही राहत पे न जा
Aitbar Sajid
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किसी को साल-ए-नौ की क्या मुबारकबाद दी जाए कैलन्डर के बदलने से मुक़द्दर कब बदलता है
Aitbar Sajid
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अब तो ख़ुद अपनी ज़रूरत भी नहीं है हम को वो भी दिन थे कि कभी तेरी ज़रूरत हम थे
Aitbar Sajid
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डाइरी में सारे अच्छे शे'र चुन कर लिख लिए एक लड़की ने मिरा दीवान ख़ाली कर दिया
Aitbar Sajid
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