पूछा जो उन सेे चाँद निकलता है किस तरह ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे डाल के झटका दिया कि यूँँ
Related Sher
प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
138 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
More from Arzoo Lakhnavi
हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले
Arzoo Lakhnavi
6 likes
मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है
Arzoo Lakhnavi
17 likes
कुछ तो मिल जाए लब-ए-शीरीं से ज़हर खाने की इजाज़त ही सही
Arzoo Lakhnavi
25 likes
दो तुंद हवाओं पर बुनियाद है तूफ़ाँ की या तुम न हसीं होते या में न जवाँ होता
Arzoo Lakhnavi
26 likes
वफ़ा तुम से करेंगे दुख सहेंगे नाज़ उठाएँगे जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है
Arzoo Lakhnavi
26 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Arzoo Lakhnavi.
Similar Moods
More moods that pair well with Arzoo Lakhnavi's sher.







