प्यार यक़ीनन निकला होगा सागर को मथने ही से वरना खारे ऑंसू पी कर कौन सा पौधा बढ़ता है
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प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
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ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Varun Anand
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प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Hastimal Hasti
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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तेरे बग़ैर ही अच्छे थे क्या मुसीबत है ये कैसा प्यार है हर दिन जताना पड़ता है
Mehshar Afridi
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रोती हूँ तो साथ साथ में बजते हैं वो पायल में ऐसे घुॅंघरू बाॅंध गया
Shiva awasthi
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गले से यूँँ मुझे लगाओ कभी, कि मेरी पसलियाँ चटख जाएँ
Shiva awasthi
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ज़िंदगी में व्यस्त हूँ मैं आजकल कुछ इस तरह से साँस तक लेने में ज़ाया' हो रहा है वक़्त मेरा
Shiva awasthi
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मुझ को तो अच्छे लगते हैं दुविधा पीर उदासी आँसू
Shiva awasthi
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मिरे बदन पर उस की काली नज़रें बिल्कुल वैसी थीं जैसे बच्चों के हाथों में काला धागा होता है
Shiva awasthi
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