क़सम जब उस ने खाई हम ने ए'तिबार कर लिया ज़रा सी देर ज़िन्दगी को ख़ुश-गवार कर लिया
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माँग सिन्दूर भरी हाथ हिनाई कर के रूप जोबन का ज़रा और निखर आएगा जिस के होने से मेरी रात है रौशन रौशन चाँद में आज वही अक्स नज़र आएगा
Azhar Iqbal
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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तुझ को बतलाता मगर शर्म बहुत आती है तेरी तस्वीर से जो काम लिया जाता है
Tehzeeb Hafi
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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता
Waseem Barelvi
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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चले भी आओ मिरे जीते-जी अब इतना भी न इंतिज़ार बढ़ाओ कि नींद आ जाए
Mahshar Inayati
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लब पे इक नाम हमेशा की तरह और क्या काम हमेशा की तरह
Mahshar Inayati
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हर एक बात ज़बाँ से कही नहीं जाती जो चुपके बैठे हैं कुछ उन की बात भी समझो
Mahshar Inayati
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उन का ग़म उन का तसव्वुर उन की याद कट रही है ज़िन्दगी आराम से
Mahshar Inayati
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न ग़ैर ही मुझे समझो न दोस्त ही समझो मिरे लिए ये बहुत है कि आदमी समझो
Mahshar Inayati
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