राज़ है स्कूल की इस दोस्ती में कुछ न कुछ दोस्त वो जब जब मिला तो उम्र पंद्रह हो गई
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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आजकल अपराध झूला हो गया है इस क़दर क़ानून लूला हो गया है
Divya 'Kumar Sahab'
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मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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जिस दिन भूख कचोटेगी तुम तब जानोगे इक दाने का मतलब क्या क्या हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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