रौशनी भाती नहीं आँखों को चाँदनी रात से डर लगता है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Marghoob Inaam Majidi
तीसरा शख़्स मेरा मसला था तीसरा शख़्स मैं ही निकला था
Marghoob Inaam Majidi
1 likes
देख कर ग़ौर से गुज़र जाना कैसे सीखा है ये हुनर जाना
Marghoob Inaam Majidi
1 likes
हाजमा हो तो तेरे जैसा हो क़स में वादे पचा के बैठी है
Marghoob Inaam Majidi
1 likes
बात सुन लो मेरी सुधर जाओ इश्क़ अच्छा नहीं है घर जाओ
Marghoob Inaam Majidi
2 likes
कितना दिलकश था वो ज़माना भी ईद थी छत पे तेरा आना भी
Marghoob Inaam Majidi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Marghoob Inaam Majidi.
Similar Moods
More moods that pair well with Marghoob Inaam Majidi's sher.






