साहिब-ए-मसनद ग़ुलामी चाहते हैं शाह वाले सर झुका के अब चला कर
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
More from Rizwan Khoja "Kalp"
उम्र भर मैं ने की है इबादत तिरी इश्क़ की तब हुई है इनायत तिरी
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
शोहरत क्या बख़्शेगी हमें दुनिया जो ख़ुद नाकारी है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
पेड़ गिन काटी थी राहें ख़र्च गिन कर कट रही है अम्न की उम्मीद में हैं और नफ़रत बट रही है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
पेड़ गिन काटी थी राहें ख़र्च गिन कर कट रही है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
मत पूछ हम से हाल-ए-दिल अज़ीज़ाँ शब-भर से यादों में जला हुआ है
Rizwan Khoja "Kalp"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rizwan Khoja "Kalp".
Similar Moods
More moods that pair well with Rizwan Khoja "Kalp"'s sher.







