सामने तू थी तो मेरी हार तय थी किस लिए फिर जंग में लश्कर बनाते
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये ही मेरी ख़ूबी थी कल शाम तक भूल जाते थे किसी का नाम तक
Govind kumar
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आँख से जब पानी बहता है दिल तब जाके सच कहता है अपना दिल भी है कैसा दिल हर पल बस रोता रहता है
Govind kumar
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ज़िंदगी अच्छे से जीने का तरीक़ा आ गया जब से चुप रहने का, सुनने का सलीक़ा आ गया
Govind kumar
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अच्छा लगना भी हर बार नहीं होता अच्छा मैं ने बोला भी था प्यार नहीं होता अच्छा
Govind kumar
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यूँँ तो जान चला जाता हूँ तुझ सेे दूर मगर इस दिल से तेरी बातों का जाल नहीं जाता
Govind kumar
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