सब के चेहरे धुँदले धुँदले लगते हैं मानो ये हँसती आँखें रो बैठी हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये भूल है दुनिया की कई साल जिएँगे लगती है मुझे ज़िंदगी लम्हों की कहानी
salman khan "samar"
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याद ग़ालिब ने किया है हम को अपने शहर में तो लाज़मी है हम सभी पर इल्म कुछ हासिल करेंगे
salman khan "samar"
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उर्दू से इश्क़ या इश्क़ से उर्दू है नाम कुछ भी हो ख़ुशबू तो दोनों में है
salman khan "samar"
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सामने मेरे वो बैठा था मगर ख़ामोश था और मैं उस के बोल सुनने को बड़ा बेताब था
salman khan "samar"
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सह में हुए लफ़्ज़ों से कभी इश्क़ न करना सहमी हुई आवाज़ में बोले है तिरी याद मरने के लिए रोज़ नई करता हूँ कोशिश पर रोज़ मिरे पाँव को रोके है तिरी याद
salman khan "samar"
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