सभी को हक़ है अपनी अपनी ज़िंदगी सुधार का प इश्क़ में तो मेरी जान शर्त रखना पाप है
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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ये समय जो है कि मुझ सेे अब तो कटता भी नहीं और ऐसा भी नहीं मैं जो कि लिख नहीं रहा
Naresh sogarwal 'premi'
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ज़िंदगी की सीख मुफ़्त में कहाँ से लाइए जाइए जनाब आप पहले दिल लुटाइए
Naresh sogarwal 'premi'
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तू भी मिरी चाहत में शामिल हो गई इक और भी नाक़ामी हासिल हो गई
Naresh sogarwal 'premi'
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सहीह से मैं तो अपना रंज-ओ-अलम दिखा भी नहीं पाया अगरचे मैं ने वो सब किया जो जुदाई में लोग करते हैं
Naresh sogarwal 'premi'
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कुछ तो यादें भी थीं भीनी भीनी फोटो थी पुरानी ग़म के आँसू पलकों में ही रह गए फिर आते आते
Naresh sogarwal 'premi'
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