सच कह रहीं हूँ मुझ को मुहब्बत हुई नहीं तस्वीर ये वही है जो मुझ सेे बनी नहीं हर आदमी के दिल में कई राज़ हैं छिपे ये दास्ताँ वही जो किसी ने सुनी नहीं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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सदा बे-दिली ही मिली तो हुआ क्या हमें भी मगर मुस्कुराना नहीं है
Ritika reet
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हमें बे-दिली ये गँवाना नहीं है चराग़ों को फिर से जलाना नहीं है
Ritika reet
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तोड़ देता वो तन्हाई में दम मगर चाँद आया फ़क़त तीरगी के लिए
Ritika reet
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तसव्वुर किसी का चला जाएगा फिर यही सोच पलके उठाना नहीं है
Ritika reet
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देख कर हम ख़्वाब उस के रो दिए नींद जिस की हैं चुरा कर लाए हम
Ritika reet
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