sherKuch Alfaaz

साहब हम जिस दिन से कमाने लग जाऍंगे ये चार लोग भी पाॅंव दबाने लग जाऍंगे मेरी ओर ख़़ुदा-रा यूँॅं ना देखा कीजे लोग वगरना बात बनाने लग जाऍंगे

More from Irshad Siddique "Shibu"

ज़मीन है तुम सेे घर है बाबू जी वरना सब काग़ज़ भर है बाबू जी फख़्र से अपने सर को उठा के चलिए आप का लड़का शाइ'र है बाबू जी

Irshad Siddique "Shibu"

0 likes

तुम्हारे दिल की पूजा होती होगी तुम्हारा दिल जो पत्थर का है जानी

Irshad Siddique "Shibu"

1 likes

नईं मिलना गर भेज कोई फ़ोटो ही प्यासे को क़तरा भी बहुत होता है

Irshad Siddique "Shibu"

1 likes

ज़रा मैं भी देखूँ वो दिल्ली चीज़ है क्या दोस्त जहाँ पे आ के मुझ को भूल गए

Irshad Siddique "Shibu"

1 likes

किसी इक बे-वफ़ा पे दिल जो हारा था वही हाँ मर गया जो ग़म का मारा था हमारा जिस्म ज़ख़्मी होना लाज़िम था ज़मीं से आसमाँ को ढेला मारा था किसी गड्ढे में लाज़िम था मेरा गिरना ज़मीं से चाँद जो मैं ने निहारा था बहुत ही देर कर दी लौटने में यार ख़ुदा का हो गया वो जो तुम्हारा था ख़ुदा को प्यारा होगा किस को था मालूम जो तुम को हम को उस को सब को प्यारा था

Irshad Siddique "Shibu"

2 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Irshad Siddique "Shibu".

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Irshad Siddique "Shibu"'s sher.