सहर की आस लगाए हुए हैं वो कि जिन्हें कमान-ए-शब से चले तीर की ख़बर भी नहीं
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
More from Abhishek shukla
ये जो हम तख़्लीक़-ए-जहान-ए-नौ में लगे हैं पागल हैं दूर से हम को देखने वाले हाथ बटा हम लोगों का
Abhishek shukla
17 likes
ये आग वाग का दरिया तो खेल था हम को जो सच कहें तो बड़ा इम्तिहान आँसू हैं
Abhishek shukla
22 likes
तेरी आँखों के लिए इतनी सज़ा काफ़ी है आज की रात मुझे ख़्वाब में रोता हुआ देख
Abhishek shukla
31 likes
न उस ने हाथ लगाया न उस ने बातें कीं पड़े पड़े यूँँ ही ख़ुद में ख़राब हो गए हम
Abhishek shukla
31 likes
ये जो दुनिया है इसे इतनी इजाज़त कब है हम पे अपनी ही किसी बात का ग़ुस्सा उतरा
Abhishek shukla
20 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abhishek shukla.
Similar Moods
More moods that pair well with Abhishek shukla's sher.







