समझ रहा था जिसे अपना वाक़ई अब तक वो कर रहा था मेरे दिल से दिल-लगी अब तक हसीन जाल मोहब्बत का फेंकने वाले समझ चुका हूँ हर इक चाल मैं तेरी अब तक
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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इन दरिंदों को भी सूली पे चढ़ाया जाए बोटियाँ काट के कुत्तों को खिलाया जाए ताकि कोई भी इलाक़ा न पहलगाम बने इस तरह हिन्द से दुश्मन को मिटाया जाए
SALIM RAZA REWA
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तुझे लगा था कि मर जाऊँगा जुदा होकर तेरे बग़ैर हूँ ज़िंदा कमाल है कि नहीं
SALIM RAZA REWA
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तब मुझे दर्द का एहसास बहुत होता है जब मेरी लख़्त-ए-जिगर आँख भिगो लेती है
SALIM RAZA REWA
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रहमतें बरसती हैं हर घड़ी मदीने में क्या हसीन मंज़र है हर तरफ़ उजाला है माँग ले रज़ा तू भी मुस्तफ़ा के सदक़े में रब ने उन के सदक़े में मुश्किलों को टाला है
SALIM RAZA REWA
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रौनक़ें नहीं जातीं मेरे घर के आँगन से दिल अगर नहीं बँटता घर बँटा नहीं होता
SALIM RAZA REWA
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